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09 जनवरी 2012

इमामबाडा चौधरी कादिर अली से 18 ताबूत बरामद होंगे


26 जनवरी को करारी के इमामबाडा चौधरी कादिर अली से 18 ताबूत बरामद होंगे. 
18 ताबूत बरामद होने का यह दूसरा साल है.
वक़्त है 9 बजे सुबह.
यह ताबूत मुस्लिम यूथ कमिटी की जानिब से निकला जाता है.
आप अपने दोस्तों और रिश्तेदारों के साथ ज़रूर शरीक हों और जनाबे फातेमा ज़हरा (स.अ.) को उनके लाल का पुरसा दें.
मजीद मालूमात के लिए 9839515958  राबेता किया जा सकता है. 


22 दिसंबर 2011

मुंबई के बांद्र पूर्व इलाके में 25 मुहर्रम के मौके पर जुलूसे अजा

25 मुहर्रम को चौथे इमाम, हज़रत इमाम अली इब्निल हुसैन, जो सय्येदुस साजेदीन और जैनुल आबेदीन के लक़ब से जाने जाते हैं की शहादत के मौके पर बांद्रा के खेरवाडी इलाके से नमाज़े मग्रेबैन पढ़ कर उनकी याद में एक जुलूसे अजा बरामद हुआ. पहली मजलिस मौलाना जाकी साहब ने पढ़ी और आखरी मजलिस मौलाना हसनैन करारवी ने. निजामत के फराएज़ जनाब उम्मीद आज़मी ने अंजाम दिए
मौलाना ज़की साहब पहली मजलिस पढ़ते हुए.

उम्मीद आज़मी साहब निजामत करते हुए.


विडिओ में आखरी मजलिस से पहले हसन इलाहाबादी अपना नजराने अकीदत पेश करते हुए.

06 दिसंबर 2011

अली मंजिल में मजलिसे अजा


मुहर्रम की नौ तारीख को हर साल अली मंजिल में मग़रिब की नमाज़ के बाद मजलिस होती है. इस साल इस मजलिस का आगाज़ केसन की सोज़ खानी से हुआ. जावेद रिज़वी ने जोश मलीहाबादी का मर्सिया पढ़ा और मौलाना मुन्तजिर अब्बास रिज़वी ने खेताब फ़रमाया.
नौहा और मातम पर मजलिस तमाम हुई.

06 जुलाई 2011

बम्बई में माहिम की महफिले पंजतन में जश्न

इमाम हुसैन (अ.स.) की विलादत के मौके पैर बम्बई में माहिम की महफिले पंजतन में जश्न का एहतेमाम किया गया है जिसमें मेहमान शोआरा तशरीफ़ ला रहे हैं. मौलाना सय्यद हसनैन करारवी की तक़रीर से इस प्रोग्राम का आग़ाज़ होगा. 
यह जश्न इतवार को दोपहर 3 बजे से शुरू होगा और नमाज़े मगरिब पर ख़त्म होगा.

01 जुलाई 2011

तालाबपर करारी में 28 रजब का जुलूस


आज तालाबपर करारी में 28 रजब की मुनासेबत से एक जुलूस बरामद होता है. इमाम हुसैन (a.s.) की मदीने से रवानगी का ग़म मनाया जाता है . अंजुमने अब्बासिया के जेरे निगरानी यह एक क़दीमी जुलूस है. हिंदुस्तान के कोने कोने से लोग इसमें शिरकत के लिए जाते हैं.  
                               बोले   हुसैन वादए  तिफली निभाते  हैं 
                               नाना सलाम  लीजिए  परदेस  जाते  हैं.
अंजुमन के सदर जनाब फजलुल अब्बास (मास्टर साहब) और सेक्रेटरी जनाब गुलाम पंजतन इस जुलूस के निगराँ हैं और ज़हूर महदी (गुड्डू) इस के रूहे रवाँ. बकिया नौजवान, जवान, और बुज़ुर्ग इस में बढ़ चढ़ कर हिस्सा लेते हैं. 
यह जुलूस मदीना से अहले हरम की रुखसती की याद में बरामद होता है और 8 रबीउल अव्वल को शरीफाबाद   करारी मे अहले हरम के लुटे हुए काफले की मदीना वापसी की याद में दूसरा जुलूस, जुलूसे अमारी के नाम से बरामद होता है .  

08 जनवरी 2011

पानी पियो और इमाम हुसैन (अ.स.) की प्यास को याद करो

इमाम जाफर सादिक (अ.स.) ने कहा के ऐ दावूद ! इमाम हुसैन (अ.स.) के क़ातिलों पर लानत भेजो . कोई बंद ऐसा नहीं है जो पानी पीने के बाद इमाम हुसैन (अ.स.) को याद करे और उनके कातिलों पर लानत भेजे तो अल्लाह तआला उसके आमाल में एक लाख नेकियाँ दर्ज करता है, एक लाख गुनाह माफ़ करता है और उसका दर्जा एक लाख गुना बढ़ा देता है. क़यामत के रोज़ अल्लाह तआला उसके दिल को इत्मीनान ओ सुकून बख्शेगा.
(कामिलुज़ ज़ियारात, ३४ वाँ बाब, हदीस १, सफहा 346 )

05 जनवरी 2011

जुलूसे सय्यादे सज्जाद में नौहा

यह नौहा 25  मुहर्रम के जुलूस के आखिर में पढ़ा गया. मुंबई के बान्द्रा के मशरिकी इलाके में यह जुलूस निकाला गया था. 

26 दिसंबर 2010

वादिस सलाम में मजलिस

वदिस सलाम में ११ मुहर्रम को दोपहर तीन बजे मरहूम सय्यद ग़ुलाम हसनैन करार्वी की क़ब्र पर मजलिसे अजा मुनकिद की गई जिसे मौलाना रज़ा हैदर ने खिताब किया .

15 दिसंबर 2010

छोटे तालाबपर में मजलिसो मातम

छेह मुहर्रम की शब्  में छोटे तालाब्पर में मजलिस हुई . उसके बाद अम्बाही की अंजुमन ने नौहओं मातम किया. रात 7.30 बजे यह प्रोग्राम जावेद रिज़वी के मर्सिये से शुरू हुआ. लहना  के आलिमे दीन मौलाना अली रेज़ा साहब ने खेताब फ़रमाया. लखनऊ में मुकीम सय्यद ऐनुर रज़ा सिर्फ इसी मजलिस में शिरकत करने आए थे. यह उनके हिस्से  की सालाना मजलिस होती  है जिसमें उनका हर भाई मौजूद रहने की कोशिश करता है.

छोटे तालाबपर का इमामबाड़ा 

दीन में मुनाफा

लोग दुनिया के बन्दे हैं और दीन सिर्फ उनकी ज़बानों पर चढ़ा हुआ है. 
जब तक उनको मुनाफा मिलता रहेगा दीन का नाम लेते रहेंगे .... 
उस के बाद जब बलाओं के ज़रिए आज़माए  जाते हैं तो 
दीन्दारों की तादाद खुदबखुद कम हो जाती है.

                                                                     -----इमाम हुसैन (अ.स.)

10 दिसंबर 2010

इमाम हुसैन (अ.स.) पर गिरया.

रसूले इस्लाम (स.अ.) इमाम हुसैन (अ.स.) के बारे में फरमाते हैं :
अल्लाह उसे दोस्त रखता है जो हुसैन को दोस्त रखे.
हुसैन मुझ से है और मैं हुसैन से हूँ
यह हसन और हुसैन जन्नत के नौजवानों के सरदार हैं.

    04 दिसंबर 2010

    मीर अनीस के मर्सिये का बंद

    यह मर्सिये का बंद मीर अनीस का है. यह पत्थर करारी के छोटे तालाब पर के इमामबाड़े में नस्ब है.  

    26 अक्टूबर 2010

    मरहूम मंज़ूर तकवी (कज्जन)

    मरहूम मंज़ूर तकवी (कज्जन), इस मुहर्रम में बहुत याद आएँगे. गुज़िश्ता साल वोह हर मजलिस में शरीक हुआ करते थे. अल्लाह उनका शुमार अहलेबैत  के चाहनेवालों में करे.
    मजलिस में गिरया करते हुए.

    16 जुलाई 2010

    इमाम हुसैन (अ.स.) पर कसीदा

    तीन शाबान, हज़रत इमाम हुसैन (अ.स.) की विलादत का दिन है, यह विडियो पाकिस्तान के एक अहले सुन्नत जाकिर का हैं जिन्हों ने इसे पढ़ते हुए समझाने की कोशिश भी की है.