करारी में अगले महीने यानि अक्टूबर में कई अदद शादियाँ होंगी. ज़िल्हिज का महीना रहेगा. साथ ही दिवाली की छुट्टियां भी होने वाली हैं. मौसम भी सोहना रहेगा. अगर कोई शिरकत करना चाहता है (दावत नामह मिलने पर) तो उसे कम से कम बीस दिन की छुट्टी लेना पड़ेगी.
इन तक्रीबात का सिलसिला करारी में जश्ने अबू तालिब से शुरू होगा जो 23 अक्टूबर को है. यह प्रोग्राम हर साल अंजुमने महदिया करती चली आ रही है.
इस अंजुमन के रूहे रवां जनाब फुरकान साहब है. इस महफिले मकासिदा में कोई मकामी शाएर नहीं होता बल्कि सब मेहमान शाएर अपना कलाम पढ़ते हैं.