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11 जनवरी 2012

ज़माना तुम्हें अच्छा समझे


तुम अच्छा करो और ज़माना तुम को बुरा समझे
यह तुम्हारे हक में बेहतर है.
बजाए इस के की तुम बुरा करो और
ज़माना तुम्हें अच्छा समझे.

09 जनवरी 2012

इमामबाडा चौधरी कादिर अली से 18 ताबूत बरामद होंगे


26 जनवरी को करारी के इमामबाडा चौधरी कादिर अली से 18 ताबूत बरामद होंगे. 
18 ताबूत बरामद होने का यह दूसरा साल है.
वक़्त है 9 बजे सुबह.
यह ताबूत मुस्लिम यूथ कमिटी की जानिब से निकला जाता है.
आप अपने दोस्तों और रिश्तेदारों के साथ ज़रूर शरीक हों और जनाबे फातेमा ज़हरा (स.अ.) को उनके लाल का पुरसा दें.
मजीद मालूमात के लिए 9839515958  राबेता किया जा सकता है. 


29 मार्च 2011

महफिले सक्काए सकीना में मजलिस

गुज़िश्ता इतवार 27 मार्च को मीरा रोड मुंबई में मरहूम एहसान फातेमा का चेहलुम मुनाकिद हुआ जिस में मौलाना सय्यद हसनैन करारवी ने खेताबत फ़रमाई. यह मजलिस महफिले सक्काए सकीना में थी.
नीचे विडियो में उस मजलिस का एक हिस्सा दिखाया गया है.

03 मार्च 2011

आज तालाब्पर में छोक्कन भाई सिपुर्दे ख़ाक

असगर अब्बास ( छोक्कन ) इब्ने ज़व्वार हुसैन का कल 11 .00 बजे दिन में इलाहबाद के अस्पताल में इन्तेकाल हो गया था. आज तकरीबन 11 .00 बजे दिन में तालाब्पर में उनकी तद्फीन हो गई. मरहूम के दो फ़रज़न्द हैं. छोक्कन भाई बहुत ही खुश मिज़ाज थे. अक्सर मजालिस में सोज़ खानी किया करते थे. अल्लाह ताआला उन्हें जवारे मासूमीन में जगह अता करे. 
आप से सुरह फातेहा की दरख्वास्त है. और साथ ही मगरिब की नमाज़ के बाद नमाज़े वहशत पढना न भूलें.

10 फ़रवरी 2011

मोलानी: जुलूसे अमारी

आज रहीमपुर मोलानी में जुलूसे अमारी बरामद हुए. माजिद सय्यद ने  My Karari को यह तस्वीरें रवाना की हैं.



23 जनवरी 2011

मरहूम चाँद भाई (असग़र अब्बास) का चेहलुम

मरहूम असग़र अब्बास (चाँद भाई)
बुध, 26 जनवरी को बेरुई, करारी में मरहूम चाँद भाई (असग़र अब्बास) का चेहलुम रखा गया है. प्रोग्राम सुबह दस बजे कुरआन ख्वानी के साथ शुरू होगा. चाँद भाई का इन्तेकाल 12 दिसम्बर को फतेहपुर में हुवा था. करारी की कर्बला में 13 दिसंबर को तब्फीन हुई . आप से शिरकत की इस्तेदुआ है. अगर शरीक ना हो सकें तो एक सुरह फातेहा उनकी रूह को बख्श दें.   

12 जनवरी 2011

मुंबई में मरसिया ख्वानी

दुआ की गुज़ारिश

हमारी वालेदा मोहतरमा, दोशाम्बा (पीर) के दिन घर में चकरा कर गिर जाने  से बाएँ हाथ की हड्डी टूट गई है, जिस  की वजह से वोह काफी तकलीफ में हैं. आप लोगों से उनकी सेहत के लिए 10 मर्तबा :
اَمَّنْ یُّجِیْبُ الْمُضْطَرَّ اِذَا دَعَاہُ وَیَکْشِفُ السُّوْۗءَ  
पढने की दरखास्त है. 

08 जनवरी 2011

पानी पियो और इमाम हुसैन (अ.स.) की प्यास को याद करो

इमाम जाफर सादिक (अ.स.) ने कहा के ऐ दावूद ! इमाम हुसैन (अ.स.) के क़ातिलों पर लानत भेजो . कोई बंद ऐसा नहीं है जो पानी पीने के बाद इमाम हुसैन (अ.स.) को याद करे और उनके कातिलों पर लानत भेजे तो अल्लाह तआला उसके आमाल में एक लाख नेकियाँ दर्ज करता है, एक लाख गुनाह माफ़ करता है और उसका दर्जा एक लाख गुना बढ़ा देता है. क़यामत के रोज़ अल्लाह तआला उसके दिल को इत्मीनान ओ सुकून बख्शेगा.
(कामिलुज़ ज़ियारात, ३४ वाँ बाब, हदीस १, सफहा 346 )

05 जनवरी 2011

जुलूसे सय्यादे सज्जाद में नौहा

यह नौहा 25  मुहर्रम के जुलूस के आखिर में पढ़ा गया. मुंबई के बान्द्रा के मशरिकी इलाके में यह जुलूस निकाला गया था. 

26 दिसंबर 2010

वादिस सलाम में मजलिस

वदिस सलाम में ११ मुहर्रम को दोपहर तीन बजे मरहूम सय्यद ग़ुलाम हसनैन करार्वी की क़ब्र पर मजलिसे अजा मुनकिद की गई जिसे मौलाना रज़ा हैदर ने खिताब किया .

15 दिसंबर 2010

छोटे तालाबपर में मजलिसो मातम

छेह मुहर्रम की शब्  में छोटे तालाब्पर में मजलिस हुई . उसके बाद अम्बाही की अंजुमन ने नौहओं मातम किया. रात 7.30 बजे यह प्रोग्राम जावेद रिज़वी के मर्सिये से शुरू हुआ. लहना  के आलिमे दीन मौलाना अली रेज़ा साहब ने खेताब फ़रमाया. लखनऊ में मुकीम सय्यद ऐनुर रज़ा सिर्फ इसी मजलिस में शिरकत करने आए थे. यह उनके हिस्से  की सालाना मजलिस होती  है जिसमें उनका हर भाई मौजूद रहने की कोशिश करता है.

छोटे तालाबपर का इमामबाड़ा 

दीन में मुनाफा

लोग दुनिया के बन्दे हैं और दीन सिर्फ उनकी ज़बानों पर चढ़ा हुआ है. 
जब तक उनको मुनाफा मिलता रहेगा दीन का नाम लेते रहेंगे .... 
उस के बाद जब बलाओं के ज़रिए आज़माए  जाते हैं तो 
दीन्दारों की तादाद खुदबखुद कम हो जाती है.

                                                                     -----इमाम हुसैन (अ.स.)

10 दिसंबर 2010

इमाम हुसैन (अ.स.) पर गिरया.

रसूले इस्लाम (स.अ.) इमाम हुसैन (अ.स.) के बारे में फरमाते हैं :
अल्लाह उसे दोस्त रखता है जो हुसैन को दोस्त रखे.
हुसैन मुझ से है और मैं हुसैन से हूँ
यह हसन और हुसैन जन्नत के नौजवानों के सरदार हैं.

    05 दिसंबर 2010

    30 नवंबर 2010

    जश्ने ग़दीर का स्टेज

    जैनाबिया बॉम्बे में जश्ने ग़दीर का स्टेज. यह जश्न सनीचर 27 नवम्बर को हुआ था. अंग्रेज़ी में रिपोर्ट के लिए click करें.

    29 नवंबर 2010

    अली मियाँ का अंगूठा ज़ख्मी

    मरहूम शरीफुल हसनैन के छोटे फरजंद, वजीहुल हसनैन जिनको लोग अली मियाँ के नाम से जानते हैं 25 नवम्बर को लोकल ट्रेन में लड़ाई कर रहे दो अजनबी आदमियों को छोडाते हुए उन  में से एक ने  ने उनके सीधे हाथ का अंगूठा चबा लिया. अली मियाँ को फ़ौरन अस्पताल ले जाया गया जहाँ उन्हें 1600 रूपये ईलाज में खर्च करना पड़े. मीरा रोड से रिजवी कॉलेज ड्यूटी    जा रहे थे. अब उन्हों ने कान पकड़ लिया है की दो लड़ते अजनबियों के बीच कभी ना बोलेंगे. इस साल करारी में  मुहर्रम की पहली तीन मजलिसें उनके हिस्से की हैं. My Karari उनके ग़म में बराबर का शरीक है.