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26 फ़रवरी 2016

22 दिसंबर 2012

ज़हनों में यह आवाज़ गूंजेगी बरसों

मरहूम सय्यद मोहम्मद हामिद रिज़वी का आठ रबिउल अव्वल में पढ़ा नौहा।

30 जून 2012

मरहूम सय्यद मोहम्मद हामिद रिज़वी की मजलिसे तरहीम


मरहूम सय्यद मोहम्मद हामिद रिज़वी के इन्तेक़ाल के छे महीने मोकम्मल होने पर मजलिसे अजा का एहतिमाम किया गया है। 
इलाहाबाद के मोमिनीन से शिरकत की दरख्वास्त है।


तारीख :     1 July, इतवार , रात 8.30 बजे।
मक़ाम:      A-52, अब्बास हाउस, करेली, इलाहबाद.
ज़ाकिर :    मौलाना क़मर सुलतान साहब (Noida) 


आप से मरहूम के लिए सुरह फातेहा की गुज़ारिश है। 



28 जनवरी 2012

काजी जी की मस्जिद में चेहलुम की मजलिस

क़ाज़ी जी की मस्जिद, बख्शी बाज़ार, इलाहबाद 
आज इलाहबाद की  बख्शी बाज़ार में क़ाज़ी जी की मस्जिद में मरहूम सय्यद मोहम्मद हामिद रिज़वी के चेहलुम की मजलिस हुई जिसे  मौलाना एहसान हैदर जवादी ने ख़िताब फ़रमाया. मस्जिद मरहूम के चाहने वालों से छलक रही  थी जो हिंदुस्तान के मुख्तलिफ शहरों से तशरीफ़ लाए थे.
मजलिस से पहले सोज़ खानी और पेश्खानी हुई. शाएरों ने अपना मंजूम नजराना पेश किया.
मरहूम के फर्ज़न्दान राजू, अनवार और राशिद के लिए ये बहुत दुःख  भरा  दिन  था . राशिद अबू  धाबी  से चेहलुम के लिए आए  थे. अल्लाह  इनको  सबरे  जमील  अता  करे .
मरहूम के छोटे  भाई  जनाब  मुख़्तार  साहब  पर अपने भाई  के बिछड़  जाने  से बहुत ज्यादा  असर  रहा , उन्होंने इलाज  में कोई  कसर  नहीं  छोड़ी  थी.
परवरदिगार मरहूम को जवारे मासूमीन में जगह दे.

04 जनवरी 2012

मलाड मुंबई में मरहूम हामिद रिज़वी के ईसाले सवाब की मजलिस


कल रात मलाड मालोनी में मरहूम हामिद रिज़वी इब्ने मोहम्मद तकी के ईसाले सवाब के लिए महफिले मुहिब्बाने हुसैन में एक मजलिस का इनेकाद किया गया.
मौलाना रहमान अली रूहानी ने जाकरी फरमाई.
मजलिस के बाद मरहूम की याद में दो नौहे पढ़े गए जिसे मरहूम बड़ी ख़ूबसूरती से पढ़ा करते थे और जिस पर ज़ोरदार मातम हुआ करता था. वोह थे "लाचार हुसैना" और "ख़ाक पे बीबी न सो, बाली सकीना उठो".
इस मजलिसो मातम का एहतिमाम अंजुमने मुहाफ़िज़े इस्लाम, इलाहबाद ने किया था.

01 जनवरी 2012

हामिद चचा का एक यादगार विडियो

इस विडियो में:
करारी में मुहर्रम 2009 में हामिद चचा बॉम्बे वालों को मरसिया पढने का फन समझाते हुए और एक गैर मुस्लिम खातून मरसिया निगार का कलाम सुनाते  हुए. चूँकि यह विडियो मोबाइल से बनाया गया है इस लिए quality खराब है.


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30 दिसंबर 2011

आह! हामिद चचा

यह मरसिया "इल्मो अमल" के उन्वान से मरहूम सय्यद मोहम्मद हामिद रिज़वी ने मरहूम वालिदे अल्लाम सय्यद गुलाम हसनैन करारवी के चेहलुम पर करारी शिया जामे मस्जिद में पढ़ा था.
यह मरसिया मशहूर मरसिया निगार जनाब उम्मीद फाजली का है. जिस खूबसूरत अंदाज़ से हामिद चचा मरहूम ने पढ़ा है वोह काम उम्मीद फाजली खुद न कर सके.
वालिदे अल्लाम का चेहलुम फ़रवरी 1996  में हुवा   था.
मरसिया सुनने के बाद मरहूम को सुरे फातेहा से नवाजना न भूलें और आज नमाज़े वहशत पढना फरामोश न करें.
तद्फीन आज दर्याबाद, इलाहाबाद में शाम साढे 4 बजे के आस पास होगी.


सय्यद मोहम्मद हामिद रिज़वी साहब का इन्तेकाल



आज सुबह 3 बजे जनाब सय्यद मोहम्मद हामिद रिज़वी साहब का इलाहाबाद में इन्तेकाल हो गया. तद्फीन की तफसील का इंतज़ार है. उनके छोटे भाई मुख्तार रिज़वी से 08127653123  पर राबता किया जा सकता है.

29 दिसंबर 2011

दुआ की Urgent दरखास्त

हामिद चचा की तबियत कुछ ज्यादा सिरिअस होगई है.
आप लोग उनकी सेहत के लिए " अम्मैं योजीबुल मुज्तर्रा इजा दआ हो व यक्षेफुस सू " पढ़ें.
वह इलाहबाद में ICU में दाखिल हैं और घर के तमाम अफराद उनके पास मोजूद हैं.