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28 जनवरी 2012

शैदाए रेज़ा के मकान पर खम्सा मजालिस

जैगमुर रिज़वी मजलिस पढ़ते हुए
आज रात 8 बजे शैदाए रेज़ा साहब के मकान पर चौथी मजलिस थी. यह खम्सा मजालिस पहली रबीउल से शुरू हुईं. कल आखरी मजलिस है. 
यह खम्सा गुज़िश्ता कई साल से हो रहा है. मोमिनीन अच्छी तादाद में शिरकत करते हैं. बकौल नय्यर भाई के, आज, कल के मुकाबले मौसम कम ठंडा था.
मौलाना सय्यद साजिद महदी उर्फ़ जैगमुर रिज़वी ने ज़ुल्म की किस्में बताईं. इमामत का दर्जा और मंसबे इमामत की अहमियत का तज्केरा किया.
जनाबे सकीना के मसाएब पर मजलिस को ख़त्म किया.  

30 नवंबर 2011

करारी की मज्लिसें

इस्लामी तारीख़ के हिसाब से 1433 का आज चौथा दिन है. करारी में अब शहर से लोग आना शुरू हो जायेंगे. ज़ाकेरीन की तादाद इस साल अच्छी है.
सुबह 10 बजे रोशन अली के इमामबाड़े (बरगद) में मौलाना मुन्तज़िर महदी का बयान होता है.
मग्रिबैन के बाद  फाटक की मजलिस मौलाना जवाद  हैदर (जूडी) पढ़ रहे हैं.
रात ही में चौधरी के इमाम बाड़े में मौलाना शमीम रज़ा साहब जाकरी कर रहे हैं और रात की आखरी मजलिस खरकापर में मौलाना ज़ोहैरकैन साहब की खिताबत होती है.
बकिया तफसील करारी पहुँच कर.