miyan biwi ke huqooq लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
miyan biwi ke huqooq लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

24 जून 2012

अपनी शादी शुदा ज़िन्दगी को बिखरने से बचाएं


 "ज़नो शौहर के हुकूक "

आज की इस मशीनी और दौड़ती भागती ज़िन्दगी में, शादी शुदा जिंदगियों में बहुत से मसाएल उभर कर सामने आ जाते हैं. घर के पुर सुकून माहोल को महेंगाई और आर्थिक परेशानी खराब कर देती  है  मियां बीवी के दरमियान मोहब्बत को कडवाहट में बदल देती हैं.
बीवी और शौहर की तालीमी न बराबरी भी टेंशन का बाईस होजाती है. किताब "ज़नो शौहर के हुकूक " मियां बीवी के पाक रिश्तो को बाक़ी रखने के लिए एक अच्छी गाइड है. इसे ज़रूर पढ़ें. उर्दू और अंग्रेजी ज़बानों में दस्तयाब है.
फ़ारसी ज़बान में मरहूम शैख़ मोहम्मद इस्माइल रजबी ने लिखी थी, जिसका तर्जुमा मरहूम सय्यद ग़ुलाम हसनैन करार्वी ने किया था और उर्दू से अंग्रेजी में सय्यद अतहर हुसैन ने किया है. अगर कोई साहब दीन की खिदमत के लिए इस्लाम में "जनों शौहर के हुकूक" को हिंदी में तर्जुमा करदे तो बहुत से रिश्ते टूटने से बच सकते हैं.
उर्दू और अंग्रेजी की किताब निशुल्क/मुफ्त हासिल करने के लिए आप मुंबई के इस फ़ोन नंबर पर अपना नाम और पता लिखवा दें ताकि यह किताब आपके घर तक पहुँच जाए.
Phone: 022-23463237