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07 फ़रवरी 2013

आज असगर हुसैन चल बसे

इन्ना लिल्लाहे व इन्ना इलैहे राजेऊन  
करबल्या के असगर हुसैन साहब का अभी अज़ाने मगरिब के वक़्त करारी के बड़ऊँपर में इन्तेकाल हो गया वोह फैज़ी के वालिद थे। कल जोहरैन की नमाज़ के बाद करारी कर्बला में तद्फीन होगी। 
आप हज़रात मरहूम असग़र हुसैन इब्ने एजाज़ हुसैन को एक सुरह फातेहा से याद करें।

04 दिसंबर 2011

सात मुहर्रम का जुलूस

कल 7 मुहर्रम थी. महल पर मोहल्ला से जुलूसे अजा तकरीबन 3 बजे दोपहर बरामद हुआ. शबीहे ज़ुल्जनाह हमराह था. कई अदद नौहे पढ़े गए.
यह जुलूस करबला में तमाम हुआ. इस जुलूसे के रूहे रवां जनाब गुलाम पंजतन काफी एहतेमाम करते हैं. ठीक मगरिब की नमाज़ के वक़्त जुलूस करबला पहुंचा और वहां से दोबारा महल पर पलटा.
बच्चे और नौजवानों  ने पुर जोर मातम किया.
करारी की कर्बला 

11 जून 2011

मरहूम सय्यद अमीर अली रिज़वी की 26 वीं बरसी

कल 9 रजब को हमारे दादा मरहूम सय्यद अमीर अली रिज़वी की 26 वीं बरसी है. मरहूम का इन्तेकाल 1985 में तकरीबन 95 साल की उम्र में करारी में हुआ था. मरहूम इलाहाबाद और करारी परगना के अतराफ में अपने दौर के जाने माने मर्सिया खाँ थे. अक्रबा परवरी की एक मिसाल से. 
कर्बला की जियारत का भी शरफ हासिल किया था. उनके दौर में इमाम हुसैन (अ.स.) की जियारत के लिए जाना नहीं था, पानी के जहाज़ से बसरा (इराक) सफ़र किया जाता था और वहां से रेल से कर्बला जाना पड़ता था. 
अल्लाह तआला मरहूम का शुमार अहलेबैत (अ.स.) के चाहने वालों में करे. एक सुरह फातेहा की दरख्वास्त है.
मरहूम अमीर अली की 26 वीं बरसी पर बम्बई में उनकी तीसरी, चौथी और पांचवीं नस्ल फातेहा देते हुए.

10 फ़रवरी 2011

मोलानी: जुलूसे अमारी

आज रहीमपुर मोलानी में जुलूसे अमारी बरामद हुए. माजिद सय्यद ने  My Karari को यह तस्वीरें रवाना की हैं.



23 जनवरी 2011

मरहूम चाँद भाई (असग़र अब्बास) का चेहलुम

मरहूम असग़र अब्बास (चाँद भाई)
बुध, 26 जनवरी को बेरुई, करारी में मरहूम चाँद भाई (असग़र अब्बास) का चेहलुम रखा गया है. प्रोग्राम सुबह दस बजे कुरआन ख्वानी के साथ शुरू होगा. चाँद भाई का इन्तेकाल 12 दिसम्बर को फतेहपुर में हुवा था. करारी की कर्बला में 13 दिसंबर को तब्फीन हुई . आप से शिरकत की इस्तेदुआ है. अगर शरीक ना हो सकें तो एक सुरह फातेहा उनकी रूह को बख्श दें.   

08 जनवरी 2011

पानी पियो और इमाम हुसैन (अ.स.) की प्यास को याद करो

इमाम जाफर सादिक (अ.स.) ने कहा के ऐ दावूद ! इमाम हुसैन (अ.स.) के क़ातिलों पर लानत भेजो . कोई बंद ऐसा नहीं है जो पानी पीने के बाद इमाम हुसैन (अ.स.) को याद करे और उनके कातिलों पर लानत भेजे तो अल्लाह तआला उसके आमाल में एक लाख नेकियाँ दर्ज करता है, एक लाख गुनाह माफ़ करता है और उसका दर्जा एक लाख गुना बढ़ा देता है. क़यामत के रोज़ अल्लाह तआला उसके दिल को इत्मीनान ओ सुकून बख्शेगा.
(कामिलुज़ ज़ियारात, ३४ वाँ बाब, हदीस १, सफहा 346 )

15 दिसंबर 2010

दीन में मुनाफा

लोग दुनिया के बन्दे हैं और दीन सिर्फ उनकी ज़बानों पर चढ़ा हुआ है. 
जब तक उनको मुनाफा मिलता रहेगा दीन का नाम लेते रहेंगे .... 
उस के बाद जब बलाओं के ज़रिए आज़माए  जाते हैं तो 
दीन्दारों की तादाद खुदबखुद कम हो जाती है.

                                                                     -----इमाम हुसैन (अ.स.)

10 दिसंबर 2010

इमाम हुसैन (अ.स.) पर गिरया.

रसूले इस्लाम (स.अ.) इमाम हुसैन (अ.स.) के बारे में फरमाते हैं :
अल्लाह उसे दोस्त रखता है जो हुसैन को दोस्त रखे.
हुसैन मुझ से है और मैं हुसैन से हूँ
यह हसन और हुसैन जन्नत के नौजवानों के सरदार हैं.

    05 जनवरी 2010

    Kabban Molvi Saheb of Ahata Passed Away

    Janab Sayed Muzaffar Husain Rizvi famous as Kabban Molvi Saheb has passed away this evening 7.30 pm. He lived in mohalla Ahata in Karari. He was second in seniority in age among the Karari Mo'mineen. He is survived by his 2 sons and a daughter. Shamsheer and Tasveer. His grandson Salman, studies in an Islamic Seminary in Najaf, Iraq.
    His burial will take place in Karbala of Karari, tomorrow 2.00 pm.

    09 नवंबर 2008

    Marhuma Tafseer Fatema Laid to Rest

    In the soil of Karbala, Karari, Marhuma Tafseer Fatema (Razia Aapa) was laid to rest at 3.30 pm. today. Her children were inconsolable as they adored her very much. She had concentrated on their upbringing. The eldest son Shirazi (hearing impaired) was very close to her and is in his prime youth. Its a great loss for Subban bhai and his family. She never missed her prayers, fasts and other wajibaat. A lady with great akhlaaq. Do not miss for her the Namaaz-e-Wahshat tonight after Maghrib prayers. Marhuma Tafseer Fatema d/o Sayed Nasir Husain. May Allah enhance her status in the Hereafter and account her among one of the best lover of Ahlul Bayt (a.s.).