21 जून 2013

मरहूम हसन अशरफ (प्यारे रज़ा) का बीसवां


कल रात मरहूम हसन अशरफ इब्ने अज़हर हसन (जो की करारी में प्यारे रज़ा  के नाम से जाने जाते थे) के बीसवें की मजलिस उनके दौलत खाने पर हुई। जिसमें मौलाना अब्बास आलम साहब ने खिताबत फरमाई। मजलिस के बाद माहिर ने एक छोटा सा नौहा भी पढ़ा। 
मरहूम का इन्तेक़ाल 6 जून को हरकते क़ल्ब बंद हो जाने की वजह से हुआ था। 
इंशा अल्लाह 7 जुलाई को रिज़वी कॉलेज बांद्रा में सुबह 11 बजे मरहूम का चेहलुम है।   
मौलाना अब्बास आलम  साहब मजलिस पढ़ते हुए 

26 मई 2013

एजाज़ हैदर को सदमा

 इन्ना लिल्लाहे व इन्ना इलैहे राजेऊन 
तकरीबन 2 घंटे पहले रिज़वी कॉलेज के एजाज़ हैदर की वाल्वेदा का इलाहबाद में इन्तेक़ाल हो गया। 
तद्फीन कल होगी।
एजाज़ से 09890151852  पर राबता किया जा सकता है. वो मीरा रोड, मुंबई में हैं। 

12 मई 2013

शिया सुन्नी ओलमा की हुजर इब्ने अदी की कब्र खोदने की मज़म्मत

मरहूमा अमीर फातेमा की 2 3 वीं बरसी



मीरा रोड, मुंबई में मुकीम, मोहम्मद मुरताज़ा (नब्बन चचा) की वालेदा मरहूमा अमीर फातेमा बिन्ते फैज़  मोहम्मद की आज 2 3 वीं बरसी के मौके पर उनके दौलत ख़ाने संघवी अम्पायर पर मजलिसे अज़ा मुंअक़िद होगी जिसमें मौलाना सय्यद हसनैन करार्वी साहब का बयान होगा। 
आप से गुज़ारिश है की एक सूरा फातेहा पढ़ कर मरहूमा को बख्श दें। 

05 मई 2013

इमामिया हाल, देल्ही में कल रात जश्ने इस्मत मुनअक़िद हुआ

मौलाना सय्यद हसनैन करारवी , मौलाना मुमताज़ अली और अन्ज़ार  सीतापुरी 
 मरहूम सय्यद अमीर अज़हर (मद्दन भाई) के फ़रज़न्दे अकबर जनाब अमीर हैदर ने इस साल भी जनाबे फातेमा ज़हरा (अ.स.) की विलादत के मुनासिबत से एक मेह्फ़िले मकासिदा का एहतेमाम किया। जिसमें देहली के बाहर और मक़ामी शाएरों  ने अपना कलाम पेश किया।
इस जश्न की निज़ामत जनाब मौलाना जवाद हैदर ने की और ज़मीर इलाहाबादी, अन्ज़ार सीतापुरी के अलावा दुसरे शोअरा  ने अपना कलाम पेश किया।
मौलाना सय्यद हसनैन करारवी ने रूह परवर तक़रीर की।
ये महफ़िल तकरीबन 2 0 बरसों से इमामिया हाल में मुंअकिद  होती चली आ रही है।

रशीद भाई की रूह आज परवाज़ कर गई


एजाज़ अहमद (रशीद भाई) इब्ने मुनीर हुसैन आज करारी में इन्तेक़ाल कर गए।
तद्फीन आज शाम 6 बजे होगी।
मरहूम कैंसर से लड़ाई करते हुए इस दुन्या से कूच कर गए।
आप से नमाज़े वहशत की गुज़ारिश है। 

30 अप्रैल 2013

29 अप्रैल 2013

सुब्बन भाई के बड़े बेटे शिराज़ी का निकाह

 इलाहबाद में मुक़ीम महावाँ के सुब्बन साहेब के बड़े लड़के की बारात आज़मगढ़ के ठेमका ईलाके में गई थी। केमका के गाँव केत्लीपुर में निकाह हुआ। मौलाना मुन्तजिर मेहदी ने हदीसे किसा पढ़ी और मौलाना रज़ा  हैदर साहब ने अक़्द पढ़ा।
यह बारात 1 8 अप्रैल को इलाहबाद से रवाना हुई थी।
शिराज़ी और मौलाना रज़ा  हैदर साहब निकाह के बाद फोटो खिंचाते हुए।

दिल्ली में जश्ने इस्मत

27 अप्रैल 2013

उन्नाव में सुब्बन भाई के मझले लड़के नाज़िर हुसैन का निकाह

अप्रैल की 2 0  तारीख को उन्नाव में सुब्बन भाई के मझले लड़के नाज़िर हुसैन का निकाह अंजाम पाया। दुल्हन की जानिब से मौलाना ज़फ़रयाब (हैदराबाद ) वकील थे दुल्हे की तरफ से मौलाना जवाद हैदर साहब।
तस्वीर में दुल्हे के ससुर टोपी लगाए हुए जिन्हें उन्नाव में शेरा के नाम से पुकारा जाता है।
बारात दो बस गई थॆ. एक इलाहाबाद शहर से और दूसरी करारी से। 
सक़लैन भाई और दीगर साकिनाने उन्नाव जिनका ताल्लुक करारी से है, इन्हों ने बारातियों की खूब खातिर मुदारात की।  

होशियार यह कारोबार हमारे हिन्दोस्तान में भी हो रहा है

 

13 अप्रैल 2013

करारी शिया जामे मस्जिद में तीन मजलिसें

हज़रत ज़हरा (स. अ. ) की शहादत के मौके करारी शिया जामे मस्जिद में तीन मजलिसें रखी गई है। कल एक हो चुकी है जिसे मौलाना सगीर हुसैन साहब ने ख़िताब फरमाई , आज मौलाना सय्यद जवाद हैदर साहब पढेंगे और इंशा अल्लाह कल मौलाना मोहम्मद जौन आबिदी साहब का बयां होगा।
यह सभी मजालिस नमाज़े मग्रबैन के फ़ौरन बाद हैं। 

04 अप्रैल 2013

नमाज़े मग्रेबैन के बाद मजलिस

अभी नमाज़े मग्रेबैन के फ़ौरन बाद ईसाले सवाब की एक मजलिस करारी शिया जामे मस्जिद में होने जा रही है जिसकी खिताबत क़ुम ईरान से आए हुए मौलाना जैगमुर रिज़वी करने वाले है। 
यह मजलिस मरहूम सय्यद मंज़ूर हसन रिज़वी, मरहूमा कनीज़ कुबरा और मरहूम सय्यद ग़ुलाम हसनैन करार्वी के ईसाले सवाब के लिए रखी  गई है। 
आप से गुज़ारिश है की इनके लिए एक सुरा फातेहा ख़त्म करें। 

मरहूम ज़हूरुल मेहदी का चेहलुम