26 जुलाई 2014

"ग्रेटर इस्राईल" एक ख़्वाब

हर साल रमज़ान के महीने के आखरी जुमा को फिलिस्तीन और इस्लाम के पहले क़िबला की आज़ादी के लिए रखा है. क्या यह कोद्स इतना अहम मुद्दा है मामूजान?
मामूजान: इस्लामी दुनिया के लिए कोद्स सब कुछ है. यह नबियों की सरज़मीन है. किब्लए अव्वल है. फिलिस्तीन की सरज़मीन पर अंग्रेजों ने यहूदियों को बसाया था और उन्हों ने आहिस्ता आहिस्ता फिलिस्तीनियों को शरणार्थी बना दिया और खुद पूरे मुल्क पर क़ब्ज़ा कर लिया. 
जर्मनी ने यहूदियों को क़त्ल किया लेकिन सज़ा फिलिस्तीनी मुसलमानों को दी गई.
जब से इजराइल का नाजाएज़ क़ब्ज़ा हुआ है उस वक़्त से अरब दुनिया में खल्फिशार है. फिलिस्तीन के अतराफ में अरब ममालिक में कहीं भी लोकतंत्र नहीं है. एक लेबनान है जहाँ मतदान होता है लेकिन उसे भी पश्चिमी देशों ने शिया, सुन्नी और ईसाई में बाँट रखा है.
मुसलमानों का सब से गद्दार मुल्क मिस्र रहा है. हुस्नी मुबारक से नजात मिलने के बाद मोहम्मद मुर्सी ने लोकतंत्र तरीके से राष्ट्रपति का पद संभाला. लेकिन इजराइल और अमरीका मिलकर एक डिक्टेटर को लाए और मुर्सी को जेल भेज दिया. 
दर अस्ल यहूदियों की योजना इस इलाक़े में "ग्रेटर इजराइल" की है. जिस की सीमा पश्चिम में मिस्र की नील दरया से लेकर पूरब में इराक़ की फ़ुरात दरया तक है. इनको यह पूरा इलाक़ा अपने क़ब्ज़े में लेना है. पहले से ही अमरीका, यूरोप, यूनाइटेड राष्ट्र और अरब लीग उसके क़ब्ज़े में हैं. शाम और इराक में अपने एजेंट ISIL और ISIS वहां तबाही मचा रखी है. मुसलमानों का गला काट काट कर नारए तकबीर बुलंद कर रहे हैं. जब इन मुल्कों पर क़ब्ज़ा हो जायेगा तो तेल, गैस और पूरी दुनिया पर क़ब्ज़ा हो जाएगा.
खुद को खलीफतुल मुस्लिमीन कहने वाला अबू बकर बघ्दादी ग़ज़ा में बच्चों के मारे जाने पर खामोश है. बल्कि यह लोग इराक़ और शाम में फिलिस्तीन का परचम जला रहे हैं. इस अबू बकर ने इजराइल के खिलाफ एक लफ्ज़ नहीं कहा.
एक ईरान है जिस ने इजराइल की योजनाओं को नुकसान पहुँचाया है. ईरान ने कोद्स की आज़ादी को ज़िन्दा रखा है जबके अरब हुकूमतें तमाशा देख रही हैं. 
मुसलमानों की यह बदकिस्मती है की किब्लाए अव्वल यहूदियों के क़ब्ज़े में है और मस्जिदे अक्सा शहीद करना चाहते हैं. 
मौजूदा क़िबला सउदीयोँ के क़ब्ज़े में हैं जो जन्नतुल बक़ी की तरह गुम्बदे खिजरा गिराना चाहते हैं.

26 जून 2014

ईराक़ में वहाबी आतंक पर दुनिया ख़ामोश


मर्हूमा सग़ीर फ़ातेमा बिन्ते सफ़दर हुसैन के इसाले सवाब की मजलिस


आज साहबज़ादे भाई के मकान पर उनकी वालिदा मर्हूमा 
सग़ीर फ़ातेमा बिन्ते सफ़दर हुसैन के इसाले सवाब की मजलिस है. 
वक़्त: 9 बजे शब. 
मज़ीद मालूमात के लिए राबिता करें. 
फ़ोन: 09969153744

23 जून 2014

मरहूम साक़िब रिज़वी की चौथी बरसी की मजलिस


28 जून को लखनऊ में मरहूम लालमियाँ का चेहलुम

 

विकास की कड़वी गोली

रिज़वी कॉलेज, मुंबई में मजलिसे तरहीम


01 मई 2014

रजब महीने की दुआ

रजब के महीने में हर वाजिब नमाज़ के बाद पढ़ी जाने वाली दुआ 

14 अप्रैल 2014

लोक सभा इलेक्शन और मुस्लिम वोट

उम्मुल बनइन आप पे नाचीज़ का सलाम

एय फ़ातेमा कलाबिया एय दुख्तरे हुज़ाम 
एय मादरे खुदाए वफ़ा ज़ौजए इमाम 
है तेरी ज़ात लायक़े सद इज़्ज़ोँ एहतेराम 
उम्मुल बनइन आप पे नाचीज़ का सलाम 
वारे हैं तुम ने चार पिसर जो हुसैन पर 
एहसान है वह दीने शहे मशरिक़ैन पर 
इरफ़ान इलाहाबादी 

27 मार्च 2014

मालोनी मलाड कि महफिले मुहिब्बाने हुसैन में 
आज रात 9 . ०० बजे 
अय्यामे फ़ातमी के अशरे की 
दूसरी मजलिस होगी 
जिस में खिताबत मौलाना वज़ीर अस्करी साहब करेंगे
contact: 9821095138