16 फ़रवरी 2014
क्या आप जानते हैं के UAPA क्या है
05 फ़रवरी 2014
01 फ़रवरी 2014
25 जनवरी 2014
रिश्वत ही ज़िन्दगी है
24 जनवरी 2014
शबीहे ज़िन्दाने शाम
19 जनवरी 2014
जुलूसे अमारी बिल्ला
17 जनवरी 2014
16 जनवरी 2014
01 दिसंबर 2013
इंटरनेट कि दुनिया
लेबल:
internet,
mamujaan,
online world,
social media
28 नवंबर 2013
26 नवंबर 2013
मुख़्तार भाई का ऑपरेशन कामयाब रहा
भोपाल में रिहाइश पज़ीर, अग्योना के आदिल अख़तर उर्फ़ मुख़्तार भाई का दिल का ऑपरेशन अल्हम्दुलिल्लाह कामयाब रहा.
मुम्बई के लीलावती अस[अस्पताल से ख़ारिज होकर कल वोह मीरा रोड जाएंगे इंशाअल्लाह।
मौसूफ़ ने आधा दर्जन से ज़यादा इस्लामियत पर किताबें लिखीं हैं.
अल्लाह सुब्हानहु व तआला उन्हें जल्द अज़ जल्द तंदुरुस्ती दे ताकि वोह इमाम हुसैन (अ.स.) कि अज़ादारी में अपना वक़्त दे सकें।
मुम्बई के लीलावती अस[अस्पताल से ख़ारिज होकर कल वोह मीरा रोड जाएंगे इंशाअल्लाह।
मौसूफ़ ने आधा दर्जन से ज़यादा इस्लामियत पर किताबें लिखीं हैं.
अल्लाह सुब्हानहु व तआला उन्हें जल्द अज़ जल्द तंदुरुस्ती दे ताकि वोह इमाम हुसैन (अ.स.) कि अज़ादारी में अपना वक़्त दे सकें।
अल्लाहुम्मा ईश्फ़े कुल्ला मरीज़
मुम्बई में चार मरीज़ अस्पताल में दाखिल हैं जिन में 3 का ऑपरेशन होना है.
१. वसीम (मलाड/वसई ) के 8 साला फ़र्ज़न्द जो मुहर्रम में मंझनपुर में छत से गिर गए थे, KEM हस्पताल में दाखिल हैं. उनकी रीढ़ कि हड्डी का मसला है.
२. मरहूम याक़ूब हसन रिज़वी के छोटे फ़र्ज़न्द जनाब एहतेशाम हसन रिज़वी, जिंका ऑपरेशन हो चुका है और वोह हिंदुजा हस्पताल में हैं ,
३. मासूम आपा जो मरहूम मेहमूद सरोश साहब कि दुख्तर हैं और जनाब शमीम अब्बास कि शरीके हयात हैं उन्हें हार्ट प्रॉब्लम है वोह भी हिंदुजा हस्पताल में ज़ेरे इलाज हैं
४. अग्योना के आदिल अख्तर (मुख़्तार) साहब जो भोपाल में रहते हैं वोह मुम्बई के लीलावती अस्पताल में दाख़िल हैं और उनकी ओपन हार्ट सर्जरी होने वाली है
आप लोगों से गुज़ारिश है कि इन मरीज़ों के जल्द शिफ़ायाब होने कि दुआ करें।
१. वसीम (मलाड/वसई ) के 8 साला फ़र्ज़न्द जो मुहर्रम में मंझनपुर में छत से गिर गए थे, KEM हस्पताल में दाखिल हैं. उनकी रीढ़ कि हड्डी का मसला है.
२. मरहूम याक़ूब हसन रिज़वी के छोटे फ़र्ज़न्द जनाब एहतेशाम हसन रिज़वी, जिंका ऑपरेशन हो चुका है और वोह हिंदुजा हस्पताल में हैं ,
३. मासूम आपा जो मरहूम मेहमूद सरोश साहब कि दुख्तर हैं और जनाब शमीम अब्बास कि शरीके हयात हैं उन्हें हार्ट प्रॉब्लम है वोह भी हिंदुजा हस्पताल में ज़ेरे इलाज हैं
४. अग्योना के आदिल अख्तर (मुख़्तार) साहब जो भोपाल में रहते हैं वोह मुम्बई के लीलावती अस्पताल में दाख़िल हैं और उनकी ओपन हार्ट सर्जरी होने वाली है
आप लोगों से गुज़ारिश है कि इन मरीज़ों के जल्द शिफ़ायाब होने कि दुआ करें।
25 नवंबर 2013
24 नवंबर 2013
सुप्रीम कोर्ट का फ़ैसला
हसन अशरफ कि मजलिसे तरहीम
मरहूम हसन अशरफ कि रेहलत के 6 माह मोकम्मल होने पर उनके ईसाले सवाब के लिए आज नमाज़े ज़ोहरैन के बाद मुम्बई कि बांद्रा शिया जामा मस्जिद में मजलिसे अज़ा रख्खी गई जिसमें हुज्जतुल इस्लाम मौलाना सय्यद हसनैन करारवी ने खिताबत कि.
मजलिस में मरहूम के तमाम ख़ानदान के अफ़राद और दोस्त अहबाब शरीक थे.
आप से मरहूम के लिए एक सूरह फातेहा कि दरख़ास्त है.
मजलिस में मरहूम के तमाम ख़ानदान के अफ़राद और दोस्त अहबाब शरीक थे.
आप से मरहूम के लिए एक सूरह फातेहा कि दरख़ास्त है.
20 नवंबर 2013
इंटरनेट में पिछड़ा उत्तरप्रदेश
करारी में अपनी सुस्त रफ्तारी कि वजह से इंटरनेट ने माय करारी को अपडेट करने का मौक़ा नहीं दिया
लखनऊ पहुँच कर अब अप्डेट मुमकिन हुआ है।
आप सभी को करारी का मुहर्रम के अपडेट से महरूम होने पर हमें अफ़सोस है.
मुहर्रम से मुताल्लिक़ जो भी यादें और तसावीर हैं , वोह आप से शेयर करेंगे। इंशा अल्लाह
लखनऊ पहुँच कर अब अप्डेट मुमकिन हुआ है।
आप सभी को करारी का मुहर्रम के अपडेट से महरूम होने पर हमें अफ़सोस है.
मुहर्रम से मुताल्लिक़ जो भी यादें और तसावीर हैं , वोह आप से शेयर करेंगे। इंशा अल्लाह
21 अक्टूबर 2013
19 अक्टूबर 2013
17 अक्टूबर 2013
एजाज़ की वालेदा की रेहलत के 6 माह
15 अक्टूबर 2013
14 अक्टूबर 2013
क्या हज एक पिकनिक हो गया है?
भांजा: मामूजन, सऊदी अरब के जीज़ान शहर के पेश इमाम ने हज को एक पिकनिक ( picnic ) से ताबीर किया है . उन्होंने यह क्यों कहा ?
मामूनजान : बेटा आजकल हज पिकनिक की तरह ही होता जा रहा है . विमान से 5 घंटे में मीकात पहुंचे , एहराम बांधकर बस में बैठे, मक्का पहुंच गए .
आलीशान होटल में रहने , सुंदर और AC बसों में यात्रा , अच्छे प्रकार के खाने , अराफात से मिनी air condition ट्रेन में मिना पहुंचे , चौड़े चौड़े तीन शैतान को कंकरी मारी ( पहले तीन स्तंभ थे जिन पर निशाना लगाना आसान नहीं था , लेकिन अब तकरीबन चालीस फिट चौड़ी दीवार है ) बेहतरीन किस्म के खेमे जिसमें उच्च प्रकार के कालीन बिछे हुए और barbeque में लगे सीख कबाब और मुर्गी प्रदर्शन , ताज़ा और शुद्ध पानी की व्यवस्था , विश्व प्रसिद्ध ' फास्ट फूड ' होटल , नरम तकिया ,आरामदेह बिस्तर , उठते बैठते सुविधाएं. यह सब picnic के लक्षण नहीं तो और क्या है?
असली हज कहां गया ? लब्बैक अल्लाहुम्मा लब्बैक क्यों ? बलिदान का मतलब क्या है? सफा और मारवाह को अल्लाह की निशानी क्यों कहा गया है ? प्रयास का मतलब क्या है ? तवाफ़ क्यों किया जाता है ? हजरे असवद क्या याद दिलाता है ? मकामे इब्राहीम क्यों है ? मुस्तजार का इतिहास क्या है? हिज्र इस्माइल में कितने अम्बिया दफन हैं ? मिजाबे रहमत के नीचे प्रार्थना मांगने की पुण्य क्या है?
इन सब बातों से हाजियों की बहुमत ना वाकिफ है ...... ज़रा सी तकलीफ़ से हाजी को हालते इह्राम में गुस्सा आ जाता है .
हाजी यह भूल जाता है यह वही अल्लाह का घर है जिसका तवाफ़ अम्बिया ने किया, उनके औसिया ने बजा लाया , इस्लाम के बुज़ुर्ग ओलमा ने उसका चक्कर लगाया.
हज में जितनी तकलीफ हो उतना ही सवाब है. हज पर एक दिरहम खर्च करना हजार दिरहम के बराबर है. अराफात में ठहेरने से वह पापों से मुक्त हो जाता है.
रसूल (स.) के नवासे इमाम हसन अलैहिस्सलाम ने 25 / हज मदीना से मक्का पैदल किया था.
इसमें कोई शक नहीं कि बहुतों के लिए अब हज 'पिकनिक' हो चुका है, लोग सिर्फ 'हाजी' का लेबल ले कर वहाँ से वापस आते हैं.
मामूनजान : बेटा आजकल हज पिकनिक की तरह ही होता जा रहा है . विमान से 5 घंटे में मीकात पहुंचे , एहराम बांधकर बस में बैठे, मक्का पहुंच गए .
आलीशान होटल में रहने , सुंदर और AC बसों में यात्रा , अच्छे प्रकार के खाने , अराफात से मिनी air condition ट्रेन में मिना पहुंचे , चौड़े चौड़े तीन शैतान को कंकरी मारी ( पहले तीन स्तंभ थे जिन पर निशाना लगाना आसान नहीं था , लेकिन अब तकरीबन चालीस फिट चौड़ी दीवार है ) बेहतरीन किस्म के खेमे जिसमें उच्च प्रकार के कालीन बिछे हुए और barbeque में लगे सीख कबाब और मुर्गी प्रदर्शन , ताज़ा और शुद्ध पानी की व्यवस्था , विश्व प्रसिद्ध ' फास्ट फूड ' होटल , नरम तकिया ,आरामदेह बिस्तर , उठते बैठते सुविधाएं. यह सब picnic के लक्षण नहीं तो और क्या है?
असली हज कहां गया ? लब्बैक अल्लाहुम्मा लब्बैक क्यों ? बलिदान का मतलब क्या है? सफा और मारवाह को अल्लाह की निशानी क्यों कहा गया है ? प्रयास का मतलब क्या है ? तवाफ़ क्यों किया जाता है ? हजरे असवद क्या याद दिलाता है ? मकामे इब्राहीम क्यों है ? मुस्तजार का इतिहास क्या है? हिज्र इस्माइल में कितने अम्बिया दफन हैं ? मिजाबे रहमत के नीचे प्रार्थना मांगने की पुण्य क्या है?
इन सब बातों से हाजियों की बहुमत ना वाकिफ है ...... ज़रा सी तकलीफ़ से हाजी को हालते इह्राम में गुस्सा आ जाता है .
हाजी यह भूल जाता है यह वही अल्लाह का घर है जिसका तवाफ़ अम्बिया ने किया, उनके औसिया ने बजा लाया , इस्लाम के बुज़ुर्ग ओलमा ने उसका चक्कर लगाया.
हज में जितनी तकलीफ हो उतना ही सवाब है. हज पर एक दिरहम खर्च करना हजार दिरहम के बराबर है. अराफात में ठहेरने से वह पापों से मुक्त हो जाता है.
रसूल (स.) के नवासे इमाम हसन अलैहिस्सलाम ने 25 / हज मदीना से मक्का पैदल किया था.
इसमें कोई शक नहीं कि बहुतों के लिए अब हज 'पिकनिक' हो चुका है, लोग सिर्फ 'हाजी' का लेबल ले कर वहाँ से वापस आते हैं.
13 अक्टूबर 2013
अरब लीग और जंग बंदी
लेबल:
arab league,
israel,
mamuja,
my karari,
saudi arabia,
syria
12 अक्टूबर 2013
दुआ का कुबूल होना
पैग़म्बरे इस्लाम (स. अ.) ने फ़रमाया:
या अली! ख़ुदा वनदे आलम ऐसे आदमी की दुआ को जो ज़बान से तो निकले ,दिल उस से ग़ाफिल हो, कोबूल नहीं करता।
या अली! ख़ुदा वनदे आलम ऐसे आदमी की दुआ को जो ज़बान से तो निकले ,दिल उस से ग़ाफिल हो, कोबूल नहीं करता।
11 अक्टूबर 2013
खेल या तेजारत और सियासत
करारी में जश्ने अबू तालिब का छटा साल
06 अक्टूबर 2013
25 सितंबर 2013
सदस्यता लें
संदेश (Atom)











.jpg)












