29 जून 2010

मौला अली की शान में



कुल  इज्ज़तो  सिफ़ात  जिसे  किर्देगार दे

मौतो-हयात का  भी  जिसे  इख्तियार  दे 

हमने  नहीं  देखा  किसी  काफ़िर  के  लाल  को 

बेटी  नबी  दे  और  खुदा  ज़ुल्फ़िकार  दे 

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